धार्मिक राजा चुराये गये धन का, सेंध मारने आदि के शास्त्रादि साधनों का पता नहीं लगने से चोर का पूर्णत: निर्णय नहीं होने से उनका वध नहीं करे तथा चुराये गये धन तथा सेंध मारने के शास्त्रादि साधनों के द्वारा चोर का निर्णय हो जाने पर बिना विचारे (दूसरा विकल्प उठाये) उस चोर का वध (अपराधानुसार उन्हें दण्डित) करे।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।