न हि दण्डादृते शक्यः कर्तु पापविनिग्रहः ।
स्तेनानां पापबुद्धीनां निभृतं चरतां क्षितौ ।।
इन चोरों, पापबुद्धियों तथा गुप्तरूप से विचरण करने वालों का पाप बिना दण्डित किये नहीं रोका जा सकता है (अतएव उन्हें दण्डित करना राजा का है।
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