रक्षणादार्यवृत्ताना कण्टकानां च शोधनात् ।
नरेनद्रास्त्रिदिवं यान्ति प्रजापालनतत्पराः ।।
सदाचारियों की रक्षा तथा कण्टकों (चोरों तथा साहस कर्म करने वालों, आग लगाने वालों या डाका डालने वालों आदि) के शोधन (दण्डितकर नष्ट) करने से प्रजापालन में तत्पर राजा (मरने पर) स्वर्ग को जाते हैं (अतएव आर्यरक्षण तथा कण्टकशोधन में राजा को प्रयत्नशील रहना चाहिये)।
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