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मनुस्मृति • अध्याय 9 • श्लोक 246
यत्र वर्जयते राजा पापकृद्भ्यो धनागमम्‌ । तत्र कालेन जायन्ते मानवा दीर्घजीविनः ।।
जिस राज्य में राजा महापातकियों (९।२३५) के धन को दण्डरूप में भी नहीं लेता है (अपितु “अप्सु प्रवेश्य.......(९।२४४) के अनुसार पानी में डाल देता या सदाचार-सम्पन्न वेदपारगामी ब्राह्मण के लिए दे देता है), उस राज्य में यथा समय मनुष्य उत्पन्न होते हैं, वे दीर्घजीवी होते हैं।
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