आगस्सु ब्राह्मणस्यैव कार्यो मध्यमसाहसः ।
विवास्यो वा भवेद्राष्ट्रात्सद्रव्यः सपरिच्छदः ।।
इन (९।२३५) अपराधों को अकामपूर्वक करने वाले गुणवान् ब्राह्मण को मध्यम साहस (५०० पण) से दण्डित करना चाहिए तथा सकाम होकर करने पर धनधान्यादि के सम्पत्ति तथा साधनों के साथ देश से निकाल देना चाहिये।
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