मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
मनुस्मृति • अध्याय 9 • श्लोक 239
ज्ञातिसबन्धिभिस्त्वेते त्यक्तव्याः कृतलक्षणाः । निर्दया _निर्नमस्कारास्तन्मनोरनुशासनम्‌ ।।
उक्त (९।२३७) चिह्नों से चिह्नित ये जाति वालों तथा (मामा आदि) सम्बन्धियों से त्याज्य हैं, दया के अयोग्य हैं और नमस्कार के अयोग्य है; ऐसा मनु का आदेश है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें