(ये चतुर्विध (९।२३५) महापातकी) असम्भोज्य (अन्न आदि खिलाने के अयोग्य), असंयाज्य (यज्ञादि सत्कर्म कराने के अयोग्य), असम्पाठ्य (पढ़ाने के अयोग्य) अविवाह्य (विवाह के अयोग्य), समस्त धर्म-(कार्या) से बहिष्कृत एवं दीन होकर पृथ्वी पर घूमा करें।
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