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मनुस्मृति • अध्याय 9 • श्लोक 217
अनपत्यस्य पुत्रस्य माता दायमवाप्नुयात्‌ । मातर्यपि च वृत्तायां पितुर्माता हरेद्धनम्‌ ।।
सन्तानहीन पुत्र के धन को माता लेवे तथा मर गयी हो तो पिता को माता (दादी) लेवे।
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