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मनुस्मृति • अध्याय 9 • श्लोक 200
पत्यौ जीवति यः स्त्रीभिरलङ्कारो धृतो भवेत्‌ । न तं भजेरन्दायादा भजमानाः पतन्ति ते ।।
पति के जीवित रहने पर स्त्रियाँ जिन भूषणों को पहनती हों, उनको भाई आदि हिस्सेदार न लेवें, यदि वे उन्हें लेते हैं तो वे पतित हो जाते हैं।
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