उन (सहोदरी) पुत्रियों की जो अविवाहित पुत्रियाँ (पोतियाँ) हों, उनके सम्मानार्थ भी नानी के धन में से कुछ भाग उनके लिए प्रेमपूर्वक देना चाहिये।
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