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मनुस्मृति • अध्याय 9 • श्लोक 192
जनन्यां संस्थितायां तु समं सर्वे सहोदराः । भजेरन्मातृकं रिक्थं भगिन्यश्च सनाभयः ।।
माता के मरने पर सब सहोदर भाई तथा अविवाहित सहोदरी बहनें उसके धन को बराबर भाग में पाती है।
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