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मनुस्मृति • अध्याय 9 • श्लोक 191
द्वौ तु यौ विवदेयातां द्वाभ्यां जातौ स्त्रिया धने । तयोर्यद्यस्य पित्र्यं स्यात्तत्स गृह्णीत नेतरः ।।
दो पिताओं से उत्पन्न दो पुत्र स्त्री (माता) के धन के विषय में विवाद करे तो जो पुत्र जिस पिता से उत्पन्न हुआ है, वह पुत्र उसी (अपने ही) पिता के धन पाने का अधिकारी होता है, दूसरा पुत्र नहीं।
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