यं ब्राह्मणस्तु शूद्रायां कामादुत्पादयेत्सुतम् ।
स पारयन्नेव शवस्तस्मात्पारशवः स्मृतः ।।
ब्राह्मण स्व-विवाहिता शूद्र में जिस पुत्र को उत्पन्न करता है, वह जीता हुआ भी मरे हुये के समान होने से "पाराशव" पुत्र कहलाता है।
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