मातापितृभ्यामुत्सृष्टं तयोरन्यतरेण वा ।
यं पुत्रं परिगृह्णीयादपविद्धः स उच्यते ।।
माता-पिता (दोनों) या माता या पिता (किसी एक) द्वारा त्यक्त जिस पुत्र को मनुष्य स्वीकार कर लेता है, वह 'अविविद्ध' पुत्र कहा जाता है।
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