यस्तल्पजः प्रमीतस्य क्लीबस्य व्याधितस्य वा ।
स्वधर्मेण नियुक्तायां स पुत्रः क्षेत्रजः स्मृतः ।।
मरे हुए, रोगी अथवा नपुंसक पुरुष की स्त्री में नियोग विधि! (९।५९६२) से उत्पन्न पुत्र 'कषेत्रज' कहा गया है।
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