मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
मनुस्मृति • अध्याय 9 • श्लोक 166
स्वक्षेत्रे सस्कृतायां तु स्वयमुत्पादयेद्धि यम्‌ । तमौरसं विजानीयात्पुत्रं प्राथमकल्पिकम्‌ ।।
विधिपूर्वक विवाहित समान जातिवाली स्त्री में पुरुष स्वयं जिस पुत्र को उत्पन्न करता है, उसे मुख्य (सब प्रकार के पुत्रों में प्रधान) “औरस" पुत्र जानना चाहिये।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें