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मनुस्मृति • अध्याय 9 • श्लोक 160
कानीनश्च सहोढश्च क्रीतः पौनर्भवस्तथा । स्वयंदत्तश्च शौद्रश्च षडदायादबान्धवाः ।।
कानीन (कान्या-पुत्र), सहोढ, क्रीत, पौनर्भव (विधवा-पुत्र), स्वयंदत्त तथा शौद्र (शूद्रा-पुत्र) - ये ६ प्रकार के पुत्र दायाद (धन के भागी) नहीं हें किन्तु बान्धव (तिलोदकादि देने के अधिकारी हैं)।
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