एवं स्वभावं ज्ञात्वाऽ ऽसां प्रजापतिनिसर्गजम् ।
परमं यत्रमातिष्ठेत्पुरुषो रक्षणं प्रति।।
ब्रह्मा की सृष्टि से ही इनका ऐसा स्वभाव जानकर पुरुष इनकी रक्षा के लिए विशेष यत्न करे।
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