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मनुस्मृति • अध्याय 9 • श्लोक 158
पुत्रान्द्वादश यानाह नृणां स्वायंभुवो मनुः । तेषां षड्बन्धुदायादाः षडदायादबान्धवाः ।।
(महर्षि भृगुजी मुनियों से कहते हैं कि) ब्रह्मा के पुत्र मनु ने मनुष्यों के जिन बारह पुत्रों को (९।१५९-१६०) कहा है; उनमें से प्रथम ६ पुत्र दायाद (पितृ-धन के भागी) तथा बान्धव (तिलोदक देने के अधिकारी)-दोनों ही होते हैं और अन्तिम ६ पुत्र केवल बान्धवमात्र है।
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