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मनुस्मृति • अध्याय 9 • श्लोक 156
समवर्णासु वा जाताः सर्वे पुत्रा द्विजन्मनाम्‌ । उद्धारं ज्यायसे दत्वा भजेरन्नितरे समम्‌ ।।
द्विजाति (ब्राह्मण, क्षत्रिया तथा वैश्य) की समान जातिवाली स्त्रियो में उत्पन्न पुत्र बड़े भाई के लिए उद्धार (९।११२-११५).के अनुसार अतिरिक्त भाग) देकर पिता के शेष धन को बराबर-बराबर ले लेवें।
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