द्विजाति (ब्राह्मण, क्षत्रिया तथा वैश्य) की समान जातिवाली स्त्रियो में उत्पन्न पुत्र बड़े भाई के लिए उद्धार (९।११२-११५).के अनुसार अतिरिक्त भाग) देकर पिता के शेष धन को बराबर-बराबर ले लेवें।
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