मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
मनुस्मृति • अध्याय 9 • श्लोक 152
सर्व वा रिक्थजातं तहुशधा परिकल्प्य च । धर्म्यं विभागं कुर्वीत विधिनाऽनेन धर्मवित्‌ ।।
अथवा सम्पूर्ण (पूर्व (९/१५०) के अनुसार 'उद्धार' भाग निकालने पर (बचे हुए) पितृ धन के दश भागकर धर्मज्ञाता पुरुष (९/१५३) इस प्रकार से विभाजन करे।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें