(भृगुमुनि ऋषियों से कहते हैं कि) समान जातिवाली स्त्रियों में एक पति से उत्पन्न पुत्रों का यह (९।१०३-१४७) विभाग-विधान (बटवारे का नियम) जानना चाहिये। जब अनेक जातियों वाली बहुत-सी स्त्रियों में उत्पन्न पुत्रों के विभाग (हिस्से) को (आपलोग) ज्ञात करें।
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