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मनुस्मृति • अध्याय 9 • श्लोक 145
हरेत्तत्र नियुक्तायाञ्जातः पुत्रो यथौरसः । क्षेत्रिकस्य तु तद्बीजं धर्मतः प्रसवश्च सः ।।
नियुक्त (९1५९-६१) स्त्री से उत्पन्न पुत्र औरस पुत्र के समान पिता के धन का भागी होता है; क्योंकि वह क्षेत्रज (स्त्री का बीज) है और धर्मानुसार सन्तान भी है।
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