(पिता) पुत्र से स्वर्ग आदि उत्तम लोकों को प्राप्त करता है, पौत्र (पुत्र के पुत्र--पोते) से उन लोकों में अनन्तकाल तक निवास करता है तथा प्रपौत्र (पुत्र के पौत्र परपोते) से सूर्य लोक को प्राप्त करता है।
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