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मनुस्मृति • अध्याय 9 • श्लोक 125
सदृशस्त्रीपु जातानां पुत्राणामविशेषतः । न मातृतो ज्यैष्ठ्यमस्ति जन्मतो ज्यैष्ठ्यमुच्यते ।।
समान (एक) जातिवाली स्त्रियों से उत्पन्न सन्तानों में जाति सम्बन्धी विशेषता नहीं होने से माता के क्रम से ज्येष्ठत्व नहीं होता; किन्तु जन्म (के क्रम) से ही ज्येष्ठत्व कहा जाता है।
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