मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
मनुस्मृति • अध्याय 9 • श्लोक 123
एकं वृषभमुद्धारं संहरेत स पूर्वजः । ततोऽ परेऽ ज्येष्ठवृषास्तदूनानां स्वमातृतः ।।
पहली (प्रथम विवाहिता) स्त्री का छोटा पुत्र (पितृ-सम्पत्ति में से) एक श्रेष्ठ बैल उद्धार? (अतिरिक्त भाग--९।११२-११४) लेवे, इसके बाद उससे बचे जो श्रेष्ठ बैल हैं उनमें से एक-एक बैल अपनी माता (विवाह के) क्रम से उत्पन्न पुत्र लेवें।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें