यदि छोटा भाई श्रेष्ठ भाई की स्त्री में नियोग' (९।५९-६२) द्वारा पुत्र उत्पन्न करे तो वह (क्षेत्रज) पुत्र अपने चाचाओं के बराबर ही भाग पाने का अधिकारी होता है अर्थात् उसके भाई के पुत्र होने के कारण वह 'उद्धार' (९।११२-११४) अर्थात् अतिरिक्त भाग का अधिकारी नहीं होता, ऐसी धर्म की व्यवस्था है।
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