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मनुस्मृति • अध्याय 9 • श्लोक 117
एकाधिकं हरेज्ज्येष्ठः पुत्रोऽ ध्यर्ध ततोऽनुजः । अंशमंशं यवीयांस इति धर्मो व्यवस्थितः ।।
(पितृ-धन-राशि में से) ज्येष्ठ भाई दो भाग, उससे छोटा भाई डेढ भाग तथा उससे (या तीन भाई से अधिक होने पर छोटा) भाई एक भाग ले; यह व्यवस्थित धर्म है।
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