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मनुस्मृति • अध्याय 8 • श्लोक 98
हन्ति जातानजातांश्च हिरण्यार्थेऽनृतं वदन्‌ । सर्व भूम्यनृते हन्ति माऽस्म भूम्यनृतं वदीः ।।
सुवर्ण के विषय में असत्य बोलता हुआ मनुष्य उत्पन्न (पिता, दादा आदि) तथा नहीं उत्पन्न हुए (पुत्र-पौत्र आदि) को नरक में डालता (या उनकी हत्या करने का फल पाता) है और पृथ्वी के विषय में असत्य बोलने पर सबसे नरक में डालता (या उनकी हत्या करने का फल पाता) है, इस कारण से भूमि के विषय में असत्य (कभी) मत बोलो।
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