बालवृद्धातुराणां च साक्ष्येषु वदतां मृषा ।
जानीयादस्थिरां वाचमुत्सिक्तमनसां तथा ।।
गवाही में असत्य बोलनेवाले बालक, स्त्री, वृद्ध और अस्थिर चित्त वालों की बातें अस्थिर होती हैं (अतएव अस्थिर बात कहने पर न्यायाधीश उनकी गवाही को असत्य माने)।
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