मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
मनुस्मृति • अध्याय 8 • श्लोक 60
यादूशा धनिभिः कार्या व्यवहारेषु साक्षिणः । तादृशान्सम्प्रवक्ष्यामि यथा वाच्यमृतं च तैः ।।
महर्षियों से भृगु मुनि कहते हें कि धन लेनेवालों (साहुकार = महाजन) को मुकदमों में जैसे साक्षी बनाने चाहिये, उन्हें कहता हुँ तथा जिन प्रकार उनको सत्य कहना चाहिये वह भी कहता हूँँ।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें