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मनुस्मृति • अध्याय 8 • श्लोक 5
वेतनस्यैव चादानं संविदश्च व्यतिक्रमः । क्रयविक्रयानुशयो विवादः स्वामिपालयोः ।।
६. नौकरों का वेतन या मजदूरों की मजदूरी नहीं देना, ७. पूर्व निर्णीत व्यवस्था (सन्धिपत्रादि) को नहीं मानना, ८. क्रय-विक्रय (खरीदना-बेचना) में विवाद उपस्थित होना, ९. स्वामी तथा पालक रखवाली करने वाले में परस्पर विवाद होना,
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