मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
मनुस्मृति • अध्याय 8 • श्लोक 44
सत्यमर्थ च सम्पश्येदात्मानमथ साक्षिणम्‌ । देशं रूपं च कालं च व्यवहारविधौ स्थितः ।।
व्यवहार अर्थात्‌ मुकदमा देखने के लिए तैयार राजा सत्य से युक्त व्यवहार को, अपने को, (अन्याय करने से स्वर्गादि प्राप्ति नहीं होगी इत्यादि) साक्षियों (गवाह) को; देश, काल के अनुसार स्वरूप (छोटा या बड़ा इत्यादि) को देखे।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें