(पति या अभिभावकादि से सुरक्षित) क्षत्रिया या वैश्या के साथ में संभोग करने वाला ब्राह्मण १००० पण से दण्डनीय है तथा सुरक्षित शूद्रा के साथ संभोग करने वाले क्षत्रिय और वैश्य भी १०००-१००० पण (८।१३६) से ही दण्डनीय होते है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
मनुस्मृति के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
मनुस्मृति के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।