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मनुस्मृति • अध्याय 8 • श्लोक 375
वैश्यः सर्वस्वदण्डः स्यात्संवत्सरनिरोधतः । सहस्रं क्षत्रियो दण्ड्यो मौण्ड्यं मूत्रेण चार्हति ।।
(पति आदि से सुरक्षित ब्राह्मणी के साथ सम्भोग करने पर) वैश्य को १ वर्ष तक जेल में रखने के बाद सर्वस्व हरण का दण्ड (जुर्माना) देना चाहिए और क्षत्रिय को १००० पण का दण्ड देना चाहिए एवं उसका सिर गधे के मूत्र से मुँडवा देना चाहिए
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