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मनुस्मृति • अध्याय 8 • श्लोक 371
भर्तारं लङ्कयेद्या तु स्त्री ज्ञातिगुणदर्पिता । तां श्रभिः खादयेद्राजा संस्थाने बहुसंस्थिते ।।
जो स्त्री पिता या बान्धवों के अधिक धनी होने या अपने सौन्दर्य के अभिमान से परपुरुष के साथ सङ्गति करके अपने पति का अपमान करे, उसे राजा बहुत लोगों से युक्त स्थान में (सबके सामने) कुत्तों से कटवावे।
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