या तु कन्यां प्रकुर्यात्सतरी सद्यो मौण्ड्यमर्हति ।
अङ्गुल्योरेव वा छेदं खरेणोद्दहनं तथा ।।
यदि कोई स्त्री किसी कन्या की योनि में अङ्गलि डालकर उस कन्या को दूषित करे तो राजा तत्काल उस स्त्री का शिर मुँड़वा दे, अङ्गुलि कटवा ले तथा गधे पर चढ़ाकर उस स्त्री को सड़कों पर घुमवावे।
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