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मनुस्मृति • अध्याय 8 • श्लोक 369
कन्यैव कन्यां या कुर्यात्तस्याः स्याद्द्विशतो दमः । शुल्कं च द्विगुणं दद्याच्छिफाश्चैवाप्नुयाद्दश ।।
यदि कोई कन्या ही किसी दूसरी कन्या की योनि में अङ्गुलि डालकर उस कन्या को दूषित करे तो राजा कन्यात्व नष्ट करने वाली उस कन्या को २०० पण से दण्डित करे, दुगुना (४०० पण) उस दूषित कन्या के पिता के लिए दिलवावे तथा दश कोड़े या बेत से उसे दण्डित करे।
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