समान जातिवाली कामवासनायुक्त कन्या के साथ सम्भोग न करके उसकी योनि में अङ्गुलि डालकर जो पुरुष उस कन्या को दूषित करे; राजा उस पुरुष की अङ्गुलि तो नहीं कटवावे, किन्तु भविष्य में ऐसे प्रसङ्ग को रोकने के लिए उसे २०० पण (८॥१३६) से दण्डित करे।
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