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मनुस्मृति • अध्याय 8 • श्लोक 367
अभिषह्य तु यः कन्यां कुर्याद्दर्पेण मानव: । तस्याशु कर्त्या अङ्गुल्यो दण्डं चार्हति षट्शतम्‌ ।।
जो पुरुष समानजाति वाली कन्या के साथ सम्भोग न करके बलात्कारपूर्वक उसकी योनि (मूत्रमार्ग) में अङ्गुलि डालकर उसे दूषित करे, राजा उसको अङ्गुलि को शीघ्र कटवा ले तथा उसे ६०० पण (८।१६६) दण्डित करे।
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