ममायमिति यो ब्रूयान्निधिं सत्येन मानवः ।
तस्याददीत षड्भागं राजा द्वादशमेव वा ।।
स्वयं या राजपुरुष (पुलिस आदि) के द्वारा प्राप्त चोरी किये गये धन को जो मनुष्य सत्य-सत्य (उस धन का रङ्ग, रूप, संख्या या तौल आदि प्रमाण, भूलने का स्थान आदि ठीक-ठीक) बतला दे, (राजा पात्रानुसार) उस धन में से षष्ठांश या द्वादशांश लेकर शेष धन उस मनुष्य को वापस दे दे।
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