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मनुस्मृति • अध्याय 8 • श्लोक 330
परिपूतेषु धान्येषु शाकमूलफलेषु च । निरन्वये शतं दण्डः सान्वयेऽर्धशतं दमः ।।
साफ किये हुये धान्य, शाक, मूल (कन्द या जड़), फल को चौर्य पदार्थ के स्वामी के साथ किसी प्रकार का (एक गाँव में हरना आदि) सम्बन्ध नहीं रहने पर चोरी करने वाले व्यक्ति पर सौ पण तथा चौर्य वस्तु के स्वामी के साथ किसी प्रकार का सम्बन्ध रहने पर चोरी करने वाले व्यक्ति पर (८।१३६) दण्ड करना चाहिये।
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