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मनुस्मृति • अध्याय 8 • श्लोक 327
मत्स्यानां पक्षिणां चैव तैलस्य च घृतस्य च । मांसस्य मधुनश्चैव यच्चान्यत्पशुसम्भवम्‌ ।।
मछली, पक्षी, तैल, घी, मांस, मधु (शहद) और पशुओं से उत्पन्न होने वाले पदार्थ (जैसे सींग, खुर, चमड़ा आदि; हाथी के दाँत और हड्डी आदि।
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