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मनुस्मृति • अध्याय 8 • श्लोक 323
महापशूनां हरणे शस्त्राणामौषधस्य च । कालमासाद्य कार्य च दण्डं राजा प्रकल्पयेत्‌ ।।
बड़े पशु (हाथी, घोड़ा, ऊंट, बैल, गाय, भैंस आदि) के, तलवार आदि शख्रों के और औषधों के चुराने पर राजा समय (अकाल, दुर्भिक्ष आदि), कार्य (चोरित का भले-बुरे कार्यो में उपयोग आदि) को देखकर चोर के लिए दण्ड का निश्चय करे।
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