पुरुषाणां कुलीनानां नारीणां च विशेषतः ।
मुख्यानां चैव रत्नानां हरणे वधमर्हसि ।
श्रेष्ठ कुल में उत्पन्न पुरुष तथा विशेषत: स्त्रियों और मुख्य रत्न (माणिक्य हीरा, वैदूर्यं आदि) की चोरी करने वाला वध के योग्य होता है अर्थात् राजा को उक्त चोरी करने वाले का वध करना चाहिये।
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