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मनुस्मृति • अध्याय 8 • श्लोक 301
परमं यत्नमातिष्ठेत्स्तेनानां निग्रहे नृपः । स्तेनानां निग्रहादस्य यशो राष्ट्रं च वर्धते ।।
राजा चोरों का निग्रह करने के लिए पूर्णतया प्रयत्न करे; क्योंकि चोरी के निग्रह से इस (राजा) के यश तथा राज की वृद्धि होती है।
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