ममेदमिति यो ब्रूयात्सोऽ नुयोज्यो यथाविधि ।
संवाद्य रूपसंख्यादीन्स्वामी तद्द्रव्यमर्हति ।।
(उस अस्वामिक अर्थात् लावारिस धन को) जो कोई 'यह मेरा है' ऐसा कहे, उससे राजा विधिपूर्वक प्रश्न करे (धन का रंग, रूप, तौल या गिनती आदि प्रमाण, नष्ट होने का स्थान तथा समय पूछे) और उसके कहने के अनुसार धन का रंग संख्या, आदि प्रमाण ठीक-ठीक मिल जाय तब उस धन का वह मनुष्य अधिकारी होता है (अतएव राजा वह धन उस मनुष्य को दे दे)।
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