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मनुस्मृति • अध्याय 8 • श्लोक 268
समवर्णे द्विजातीनां द्वादशैव व्यतिक्रमे । वादेष्ववचनीयेषु तदेव द्विगुणं भवेत्‌ ।।
समान वर्ण वाले से (“तुम चोर हो” इत्यादि) कटु वचन कहने वाला द्विज (ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य) बारह पण से दण्डनीय होता है तथा निन्दनीय कटु वचन (माँ-बहन आदि की गाली) कहने पर उक्त दण्डों (८।२६७-२६८५४) को दुगुने पणो से वह दण्डनीय होता है।
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