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मनुस्मृति • अध्याय 8 • श्लोक 263
गृहं तडागमारामं क्षेत्रं वा भीषया हरन्‌। शतानि पञ्च दण्ड्यः स्यादज्ञानाद्द्विशतो दमः ।।
यदि कोई भय दिखाकर घर, तडाग, बगीचा और खेत ले ले (स्वाधीन कर ले), तो राजा उसे ५०० पणों से दण्डित करे तथा आज्ञान से स्वाधीन करने पर २०० पणों (८।१३६) से दण्डित करे।
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