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मनुस्मृति • अध्याय 8 • श्लोक 262
सामन्ताश्चेन्मृषा ब्रूयुः सेतौ विवदतां नृणाम्‌ । सर्वे पृथक्‌ पृथकदण्ड्या राज्ञा मध्यमसाहसम्‌ ।।
दो ग्रामवासियों में परस्पर सीमाविषयक विवाद. उपस्थित होने पर सामन्त (समीपस्थ ग्रामवासी) यदि असत्य कहें तो राजा उनमें से प्रत्येक को मध्यम साहस (८।१३८) से दण्डित करे।
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